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मीठा सा, प्यारा सा ख्वाब …

 'दि. 19-2-14 को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित समाचार के अनुसार यू.पी. के मंत्री शिवाकांत ओझा ने एक समारोह में कहा कि यदि किसी कर्मचारी या अफ़सर ने रिश्वत मांगी तो उल्टा लटकाकर उसकी चमड़ी उधेड़ दी जायेगी। इससे पहले एक मंत्री शिवपाल यादव अफ़सरों के सामने यह कह चुके हैं कि यदि वह मेहनत से काम करते हैं तो  थोड़ी-बहुत चोरी कर सकते हैं।'
    ऐसे नमूना-मन्त्रियों से सजी अखिलेश सरकार की अगुआई में तीसरा मोर्चा केंद्र में अगली सरकार बनाने का ख्वाब देख रहा है। खैर, ख्वाब ख्वाब ही तो है, कोई भी देख सकता है।
  ख़ुशी-ख़ुशी एक ख्वाब मैंने भी कल देखा। ख़्वाब में मैंने देखा, अन्ना जी ने मुझसे कहा कि यदि उनके 17 सूत्रीय एजेंडे को मैंने मान लिया तो वह मुझे पी.एम. बनवा देंगे। अन्ना जी यह कह कर चले गए और साथ ही मेरा ख्वाब भी टूट गया, सोचने लगा कि अभी कल ही तो उन्होंने कुछ ऐसा ही आश्वासन ममता बेनर्जी को भी दिया है। सिर झटक कर मैंने अपनी आँखों के आगे आया जाला साफ़ किया कि हमारे यहाँ तो इलेक्शन होता है, अन्ना जी पी.एम. सेलेक्ट थोड़े ही कर सकते हैं। ख्वाब तो ख्वाब ही है चाहे मैं देखूं , ममता बेनर्जी देखें, नरेंद्र मोदी देखें, राहुल गांधी देखें, अरविन्द केजरीवाल देखें, मुलायम यादव देखें, सब अपने आप देखें या अन्ना जी दिखाएँ। पी.एम. अहा .... 

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मुक्तक

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