क्षमा और अनुज दो साल से एक-दूसरे के सम्पर्क में थे। वे कॉलेज के अन्तिम वर्ष में थे, तब से दोनों में दोस्ती थी जो बाद में प्यार में बदल गई थी। अनुपम सुन्दरी क्षमा एक परम्परावादी संस्कारी लड़की थी, जो शादी करने और परिवार बसाने का सपना देखती थी, जबकि अनुज एक नितांत आधुनिक विचारों वाला अल्हड़ नवयुवक था, जिसे एक स्वच्छन्द ज़िन्दगी पसन्द थी। दोनों की विचारधारा बुनियादी तौर पर भिन्न थी। क्षमा कॉलेज के अपने सहपाठी लड़कों के आकर्षण का केंद्र थी, तो अनुज के प्रति अधिकांश सहपाठी लड़कियों का झुकाव था। इसके विपरीत क्षमा और अनुज के मन में मात्र एक-दूसरे के लिए चाहत थी। कॉलेज के उन सुनहरे दिनों में, पुस्तकालय की आलमारियों के गलियारों के बीच उनकी दोस्ती परवान तो खूब चढ़ी थी, लेकिन उनकी दुनिया कुछ मायनों में अलग थी। क्षमा एक ऐसी लड़की थी जो समाज में जड़ों की महत्ता जानती थी। वह घर की खुशबू, त्यौहारों की सादगी और एक स्थिर भविष्य में सुकून देखती थी। इसके विपरीत, अनुज के पैर हमेशा किसी अनदेखी राह पर निकलने को आतुर रहते थे। उसके लिए आधुनिकता का अर्थ था- बिना किसी जवाबदेही के जीना। वह अक्सर क...