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Showing posts from February, 2015

सत्य की जीत होती है...

  देश से 12000 km दूर Hoffman Estates (A suburb of Chicago) में बेटे के साथ रह रहे हैं हम इन दिनों। एक निहायत ही खुशनुमा समय गुज़र रहा है यहाँ, पर स्वदेश की याद तो आती ही है। वहां तो किसी न किसी प्रकार की व्यस्तता रहती थी लेकिन यहाँ करने को कुछ भी नहीं है सो समय ही समय है अतः मूवी देखने के लिए भी खूब समय है।  सुना था, मूवी 'भूतनाथ रिटर्न्स' में चुनावी राजनीति और इसके परिष्करण की संभावनाओं को बहुत बढ़िया तरीके से उजागर किया गया है। दिल्ली में अभी माहौल भी यही चल रहा है अतः सोचा, मौका भी है और दस्तूर भी, यही मूवी क्यों न देख ली जाये! देखा इस मूवी को तो दिल्ली के चुनावी माहौल से इसमें बहुत साम्यता नज़र आई। एक आदर्श चरित्र को निभाया है इसमें अमिताभ बच्चन जी (भूतनाथ) ने एक भूत की भूमिका में रहते हुए। भूत का अस्तित्व होता है या नहीं- यह विवादास्पद बिंदु है, लेकिन छल-कपट एवं दुष्टता से परिपूर्ण जीवित व्यक्ति से तो एक सुसंस्कारित मृतात्मा (भूत) बेहतर ही कहलाएगी न! मूवी में विपक्ष के भ्रष्टाचारी नेता द्वारा भगोड़ा करार दिया गया भूतनाथ अंत में चुनाव म...