आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल बुधवार (12-01-2022) को चर्चा मंच "सन्त विवेकानन्द" जन्म दिवस पर विशेष (चर्चा अंक-4307) पर भी होगी! -- सूचना देने का उद्देश्य यह है कि आप उपरोक्त लिंक पर पधार कर चर्चा मंच के अंक का अवलोकन करे और अपनी मूल्यवान प्रतिक्रिया से अवगत करायें। -- हार्दिक शुभकामनाओं के साथ। डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
वाहह आदरणीय !!कितने आशिक पढ़ा दिए हमने👌👌👌
ReplyDeleteजर्रानवाज़ी के लिए शुक्रिया महोदया!
Deleteवाह!वाह!सर सराहनीय।
ReplyDeleteधन्यवाद आदरणीया अनीता जी!
Deleteजी नमस्ते ,
ReplyDeleteआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (११-०१ -२०२२ ) को
'जात न पूछो लिखने वालों की'( चर्चा अंक -४३०६) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है।
सादर
आभार महोदया, अवश्य उपस्थिति दूँगा !
Deleteआपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल बुधवार (12-01-2022) को चर्चा मंच "सन्त विवेकानन्द" जन्म दिवस पर विशेष (चर्चा अंक-4307) पर भी होगी!
ReplyDelete--
सूचना देने का उद्देश्य यह है कि आप उपरोक्त लिंक पर पधार कर चर्चा मंच के अंक का अवलोकन करे और अपनी मूल्यवान प्रतिक्रिया से अवगत करायें।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
आभार आदरणीय मयंक जी, निश्चित ही उपस्थित रहूँगा!
Deleteक्या बात है .... उम्दा रूबाई ।
ReplyDeleteबहुत-बहुत शुक्रिया अमृता जी!
Deleteबहुत सुंदर उत्कृष्ट सृजन ।
ReplyDeleteमेरी इस साधारण रचना को इतना सम्मान देने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ आ. जिज्ञासा जी!
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ReplyDeleteवाह सर 👏👏
सच में लाजवाब पंक्ति👌
धन्यवाद... आभार मनीषा जी!
Deleteवाह!!!
ReplyDeleteबहुत ही सुन्दर सराहनीय सृजन।
हार्दिक आभार महोदया!
Deleteउत्कृष्ट रचना...
ReplyDeleteआभार आपका विकास जी!
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