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सन्देश-



  जिन नासमझों ने यीशु मसीह का उपहास किया था, उन्हें अपमानित करने का प्रयास किया था, उनको क्षमा करते हुए यीशु ने ईश्वर से यह शब्द कहे थे - " हे परमात्मा तू उन्हें क्षमा करना क्यों कि वह नहीं जानते कि वह क्या कर रहे हैं।"
  हम जानते हैं केजरीवाल जी कि आप यीशु नहीं हैं, लेकिन निस्वार्थ भाव से आम आदमी के हितों के लिए लड़ने वाले, अपने सभी ऐशो-आराम छोड़कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध जंग छेड़ने वाले और लक्ष्य-प्राप्ति तक जुझारू संघर्ष की ज़िद रखने वाले आप, यीशु से कम भी नहीं हैं।
  आप की ओर से हम भी उन सभी नासमझों के लिए जो आपको भगोड़ा, नौटंकी, पल्टू और ऐसे ही अन्य अभद्र विशेषण (उनके शब्दकोष में जो भी उपलब्ध हैं) देने की धृष्टता कर रहे हैं, ईश्वर से वैसी ही प्रार्थना करते हैं।
  हमें आप पर और AAP पर बहुत विश्वास है। हमारे विश्वास को जीवित रखते हुए, अपने आत्म-बल को कायम रखते हुए अपनी कुछ भूलों को परिमार्जित कर आप धनात्मक शक्ति के साथ अपने पवित्र उद्देश्य के लिए जुट जाइये। भूलें आपसे हुई हैं क्योंकि आप सीधे-सच्चे इन्सान हैं, कुटिल और चालबाज़ राजनीतिज्ञ नहीं। अब भूलों को दोहराएँ नहीं। हाँ, राजनीति के कुछ दांव-पेच तो आपको सीखने ही होंगे, बस ध्यान रहे कि गन्दी राजनीति कभी न करें। भारत पूरी तरह नहीं जागा, पर जाग रहा है.....

मेरा आपके लिए सन्देश है ---
अभी मत थकना साथी मेरे, मंजिल अब तेरी दूर नहीं।
तू हार मान ले बीच डगर, मुझको तो यह मंजूर नहीं।। 

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