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फिल्म-जगत क्या दे रहा है...



   फिल्म-जगत के महारथी अपनी फिल्मों के जरिये भारतीय समाज को हिंसा, विभिन्न अपराध करने के नाना प्रकार के गुर और अश्लीलता तो बेतहाशा परोस ही रहे हैं, नई पीढ़ी को असभ्यता और उद्दण्डता सिखाने में भी पीछे नहीं रहना चाहते।
   कल ही देखी एक मूवी 'Holiday: A Soldier is never off duty' का उदहारण लें।  नायक अक्षय कुमार अपने परिवार के साथ लड़की देखने जाता है। वहां से लौटते वक्त वह लड़की ( सोनाक्षी सिन्हा ) को नापसन्द करने का कारण बताता है कि लड़की ज़रूरत से ज़्यादा शर्मीली, सीधी और यह है, वह है। अक्षय कुमार की धारणा का खण्डन करने के लिए दूसरे ही दृश्य में उसी लड़की को साड़ी के बजाय स्पोर्ट्स ड्रैस में दिखाया जाता है। लड़की अपनी माता की मौज़ूदगी में पिता से पैसा मांगती है और आनाकानी करने पर उनके गाल पर थप्पड़ जड़ कर उनका वॉलेट निकाल कर ले जाती है।
  तो इस तरह लड़की को आधुनिक और बोल्ड बताया जाता है और…और थियेटर में दर्शक ठहाका लगाते हैं। हो गया फिल्म-निर्माता का मकसद पूरा !

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