सर्वप्रथम तो मैं अपने मित्रों को यह बता दूँ कि मेरे कई मित्र भाजपा से हैं तो कई कॉन्ग्रेस से। मैं यह भी बताना चाहता हूँ कि AAP के किसी छोटे-बड़े नेता से मेरा दूर-दूर तक कोई परिचय नहीं है जब कि मैं केजरीवाल का unconditional समर्थक हूँ। अब मैं आपसे कल का वाकया share करना चाहता हूँ। कल रात मैं अपने एक मित्र के घर भोजन पर गया था। यहाँ, यह बताना असन्दर्भित नहीं होगा कि मेरे यह मित्र एक अन्य पार्टी से प्रतिबद्धता के कारण केजरीवाल को हद दर्जे तक नापसंद करते हैं। खैर, भोजन के बाद मित्र के आग्रह पर मैं कुछ देर वहीँ रुका हुआ था कि तभी उन्होंने TV ऑन कर दिया। 'color' चैनल पर 'बालिका-वधू' का एपिसोड दिखाया जा रहा था। कल के एपिसोड में इस कहानी के एक प्रमुख पात्र, डॉ जगदीश को चुनाव में खड़ा होता दिखाया गया है। डॉ जगदीश को उनके गांव/शहर वालों ने राजनीति में पहली बार उतारा है ताकि स्वच्छ राजनीति के जरिये क्षेत्र का विकास हो सके। उसके विरुद्ध खड़ा है राजनीति के दांव-पेच में माहिर एक पुराना खिलाड़ी जो येन-...