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एक नन्ही कविता

चलते-चलते बस यूँ ही 😊...



         


कल अचानक तपती दुपहर में,

ठंडी-भीनी    फुहार   आ  गई,

बारिश नहीं, यह तुम आई थी,

 जलते दिल  में  बहार आ गई।

  
***

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