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विरोध हेतु ऐसा घिनौना कृत्य...उफ़्फ़!


     गौरवशाली इतिहास वाली कॉन्ग्रेस की जो दुर्दशा कुछ दुर्बुद्धि कॉन्ग्रेसियों के कारण वर्तमान में हो गई है, उसके पुनरुद्धार की सोच तो कहीं दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रही, बल्कि इसके विपरीत इस पार्टी के
ताबूत की अंतिम कील बन रही है केरल के युवा कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं की वह अपवित्र हरकत जो उन्होंने मोदी सरकार के पशुओं के अवैध विक्रय का निषेध करने वाले क़ानून का विरोध करने के लिए गाय को टुकड़े-टुकड़े कर नृशंस हत्या कर के की है. 
   अन्य किन्हीं धर्मावलंबियों की आस्था को चोट पहुँचाने वाली ऐसी ही कोई घिनौनी हरकत किसी ने की होती तो...तो...!
   यदि संजीदा (बचे-खुचे, यदि हों ) कॉन्ग्रेस-जन इसका तीव्र प्रतिकार कर सकें और क़ानून के तहत उन पापियों को दण्डित करने हेतु सक्रिय हों तो...तो शायद देश की आस्थावान जनता की निगाहों में और अधिक गिरने से बच सकेंगे।
   यहाँ यह कहने की आवश्यकता तो होनी ही नहीं चाहिए कि राजनीति की परवाह किये बिना कानून को तो अपना कर्तव्य-निर्वाह पूरी क्षमता से करना ही चाहिए।

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